मऊ में टीईटी परीक्षा के पहले दिन 20026 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
मऊ जिले में
पात्रता परीक्षा (टीईटी) परीक्षा गुरुवार को जिले के 25 परीक्षा केंद्रों पर हुई। पहले दिन उच्च प्राथमिक स्तर के अभ्यर्थियों की परीक्षा हुई। परीक्षा में अभ्यर्थियों को पर्यावरण और बाल विकास के प्रश्नों को छकाया तो भौतिक विज्ञान तथा गणित के सवालो ने उलझा दिया। दोनों पेपरों में डेढ़-डेढ़ सौ प्रश्न आए हुए थे। दोनों पालियों की परीक्षा में 22128 हजार पंजीकृत अभ्यर्थियों में 9.49 फीसदी यानी 2102 सौ अनुपस्थित रहे। दोनों पालियों में 20026 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। वहीं केंद्रों पर सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए गए थे। उड़न दस्ते की गाड़ियां केन्द्रों की ओर दौड़ती रहीं। निगरानी के लिए स्ट्रेटिक और सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे।
जिले में गुरुवार को उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर खास एहतियात बरती गई। सभी सेंटरों के बाहर पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। प्रथम पाली की परीक्षा में 25 केंद्रों पर पर स्ट्रेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। सेंटर में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाने की अनुमति नहीं थी। सेंटर के गेट पर ही मोबाइल जमा कर लिए गए। कड़ी तलाशी के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। दो पालियों में परीक्षा संपन्न हुई। पहली पाली सुबह 9.30 से 12 बजे तक हुई। जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक हुई। प्रथम पाली में पंजीकृत 11064 के सापेक्ष 9963 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 1101 ने छोड़ दी। वहीं द्वितीय पाली में भी 11064 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिसमें 10063 उपस्थित रहे। जबकि 1001 अभ्यर्थियों ने कड़ाई होने से परीक्षा छोड़ दी। वहीं परीक्षा देकर बाहर निकले परीक्षार्थियों ने कहा कि प्रश्न पत्र काफी अच्छा गया। इस बार बाल विकास से काफी उलझाने वाले प्रश्न पूछे गए। वहीं गणित, भौतिक विज्ञान, पर्यावरण, शिक्षा शास्त्र और भूगोल के भी कुछ प्रश्नों ने उलझाया रखा। नगर के डीसीएसके पीजी कॉलेज पर परीक्षा देकर बाहर अभ्यर्थियों ने बताया की गणित और भौतिक विज्ञान के सवालों ने काफी उलझाए रखा, जिसके चलते अन्य प्रश्नों पर कम समय देना पड़ा। फिहलाल पेपर अच्छा हुआ है। परीक्षा के दौरान कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने इन केंद्रों पर धारा 163 लागू कर रखा था। साथ ही चेतावनी दी थी कि जो इस आदेश का उल्लंघन करने पर उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सुबह छात्राओं को लेकर अभिभावक जिला मुख्यालय पर पहुंचे थे, जहां पर वह केन्द्र के बारे में जानकारी के लिए दौड़ लगाते रहे।
जिले में केंद्रों पर पहले दिन शांतिपूर्ण टीईटी परीक्षा संपन्न हो गई है। दोनों पालियों में सीसीटीवी कैमरे से पल-पल की निगरानी रखी जा रही थी। किसी भी केंद्र पर किसी भी तरह की कोई अव्यवस्था नहीं मिली है। परीक्षा केंद्र में सघन तलाशी के बाद प्रवेश दिया गया।
बाल विकास के कुछ सवाल का उत्तर देने में कन्फ्यूंजन हुआ। भूगोल से पूछे गए सवाल अच्छे रहे। जिले में सेंटर पड़ना सबसे अच्छा रहा। परीक्षा देने में बहुत आसानी रही।
समसामयिक घटनाओं पर आधारित प्रश्न इस बार अधिक रहे थे। समाजिक विज्ञान से कम सवाल ही आए थे। यह आसान रहा। साथ भाषा के कुछ सवालों ने उलझाए रखा।
प्रथम प्रश्न पत्र में बाल विकास, शिक्षा शास्त्र, गणित के प्रश्न कुछ कठिन रहें। भौतिक विज्ञान से कम प्रश्न पूछे गए थे। समावेशी शिक्षा के कुछ प्रश्नों का उत्तर देने में कठिनाई हुई।
टीईटी शिक्षक पात्रता की सबसे बड़ी परीक्षा होती है। इस परीक्षा को पास करने में लोगों के पसीने छूट जाते हैं। इस बार सुबह की पाली की परीक्षा काफी कठिन रहा है। शाम की परीक्षा में अधिकाश सवाल आसान थे।
आज भी 21489 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
मऊ। जनपद में दूसरे दिन शुक्रवार को भी टीईटी परीक्षा आयोजित की जाएगी। दूसरे दिन दोनों पालियों में कुल 21489 अभ्यर्थी शामिल होंगे। पहली की परीक्षा 25 केंद्रों पर आयोजित होगी, जिसमें कुल 11064 अभ्यर्थी शामिल होंगे। वहीं द्वितीय पाली में 10415 अभ्यर्थी शामिल होंगे। प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
शिक्षकों ने भी दी टीईटी परीक्षा
मऊ। शिक्षक पात्रता परीक्षा में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक भी शामिल हुए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत अनिवार्य रूप से यह परीक्षा उत्तीर्ण करनी है। इसमें वह शिक्षक शामिल होंगे जिनकी सेवा अवधि पांच वर्ष या उससे ज्यादा बची है। परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करने वाले शिक्षकों को दो वर्ष बाद अनिवार्य सेवानिवृत्ति भी दी जा सकती है
बच्चों से पहले माता-पिता आज भी देंगे टीईटी परीक्षा
मऊ। कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को पढ़ा रहे परिषदीय शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी-सीटीईटी) पास करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के एक नवंबर के आदेश ने हजारों शिक्षकों की नींद उड़ा रखी है। दो दशक से अधिक समय तक बच्चों को पढ़ाने के बाद तमाम शिक्षक अब नौकरी बचाने के लिए दिन-रात पढ़ाई में जुटे हैं। मऊ जनपद में भी ऐसे शिक्षकों की संख्या तकरीबन हजार के करीब है, जिन्हें टीईटी की परीक्षा उत्तीर्ण करनी हैं। इसमें कई शिक्षकों के बच्चों की बोर्ड परीक्षा भी इसी वर्ष है। उत्तर प्रदेश में 23 जनवरी 2022 के बाद से टीईटी नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में शिक्षकों ने ही सीटीईटी का फार्म भर दिया है क्योंकि यूपी में सीटीईटी भी मान्य है।
डीएम आनंद वर्द्धन और पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने सुबह प्रथम पाली टीईटी परीक्षा के दौरान सोनीधापा खंडेवाल इंटर कॉलेज, मुस्लिम इंटर कॉलेज सहित अन्य केंद्रों पर पहुंचकर निरीक्षण किया। डीएम ने निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और सीसीटीवी कैमरे को चेक करते हुए परीक्षा कक्ष की स्थिति देखी। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही परीक्षा के दौरान न की जाए। ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए पारदर्शिता पूर्ण और निष्पक्ष परीक्षा सम्पन्न करावें। उन्होंने कर्मचारियों अधिकारियों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए उचित सामाजिक दूरी, मास्क का प्रयोग सुनिश्चित कराने का आदेश दिया। इसके अलावा डीआईओएस गौतम प्रसाद ने भी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। तमाम अधिकारी दिनभर विभिन्न परीक्षा केन्द्रों का दौरा कर वहां की व्यवस्था का जायजा लेते रहे।

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