Mau News: तंत्र-मंत्र के शक में दामाद ने ससुर की सिर काटकर हत्या
मऊ जिले के घोसी थाना क्षेत्र में 30 जून को मिले दिव्यांग तांत्रिक के सिर कटी शव की गुत्थी का पुलिस ने बृहस्पतिवार को सनसनीखेज खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और पारिवारिक रंजिश ने रिश्तों को इस कदर तार-तार कर दिया कि दामाद ने अपने बेटे और तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर ससुर की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के बाद शव और कटे सिर को अलग-अलग स्थानों पर फेंककर आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मऊ जिले के घोसी थाना क्षेत्र में 30 जून को हाईवे पुल के नीचे मिले सिर कटी दिव्यांग व्यक्ति के शव के मामले का पुलिस ने 2 जुलाई बृहस्पतिवार को खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार यह हत्याकांड अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और पारिवारिक विवाद का भयावह परिणाम निकला।
पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने प्रेसवार्ता में बताया कि मृतक सुभाष मूल रूप से गोरखपुर का रहने वाला था और तंत्र-मंत्र तथा झाड़-फूंक करने का काम करता था। आरोपी भारत, जो मुहम्मदाबाद गोहना थाना क्षेत्र के सद्दोपुर गांव का निवासी है, मृतक का दामाद है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कुछ समय पहले उसकी मां बीमार हुई थी। इलाज के बजाय सुभाष ने तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक से ठीक करने का दावा किया, लेकिन उसकी मां की मौत हो गई। इसके बाद कुछ दिन पहले भारत की पत्नी, जो मृतक सुभाष की बेटी थी, गंभीर सिरदर्द से पीड़ित हुई। आरोपी के अनुसार सुभाष ने उसे अस्पताल ले जाने से मना करते हुए स्वयं तंत्र-मंत्र से ठीक करने की बात कही। हालांकि झाड़-फूंक के दौरान ही उसकी भी मौत हो गई।
पत्नी और मां की मौत से आक्रोशित भारत ने जब सुभाष से इसका विरोध किया तो आरोप है कि सुभाष ने उसे धमकी दी कि यदि उसने विरोध किया तो उसके वंश का भी सर्वनाश हो जाएगा। इस धमकी के बाद भारत को आशंका हुई कि उसका ससुर तंत्र-मंत्र के जरिए पूरे परिवार को नुकसान पहुंचा सकता है।
इसी डर और गुस्से में भारत ने अपने बेटे तथा तीन अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर साजिश रची। योजना के तहत सुभाष को गोरखपुर से बुलाया गया, उसे शराब पिलाई गई और फिर सुनसान स्थान पर धारदार हथियार से उसकी गर्दन काटकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपियों ने धड़ को घोसी थाना क्षेत्र में हाईवे पुल के नीचे फेंक दिया, जबकि कटे सिर को कुछ दूरी पर झाड़ियों में छिपा दिया, ताकि पहचान में देरी हो और पुलिस गुमराह हो जाए।
पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, सर्विलांस और पूछताछ के आधार पर पूरे मामले का खुलासा करते हुए भारत समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त सामान भी बरामद किया गया है। सभी आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि यह हत्याकांड अंधविश्वास और पारिवारिक रंजिश का एक बेहद दर्दनाक उदाहरण है, जिसने रिश्तों की मर्यादा को पूरी तरह तार-तार कर दिया।

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