मऊ जिले के खुरहट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन खस्ताहाल है। यहां तैनात डॉक्टर अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। सरकार जहां अस्पतालों पर लाखों रुपए खर्च कर रही है, वहीं इस अस्पताल की हालत बेहद खराब है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात कर्मचारी राजबली सिंह ने बताया कि चार बिस्तरों वाला यह अस्पताल काफी जर्जर हो चुका है। बारिश होने पर 24 घंटे तक छत से पानी टपकता रहता है, जिससे पूरे फर्श पर पानी जमा हो जाता है। ऐसे में बारिश रुकने के बाद मरीजों को बाहर बिठाकर सेवाएं दी जाती हैं।
राजबली सिंह ने बताया कि भवन की खराब हालत के कारण कर्मचारियों और मरीजों की जान हमेशा खतरे में रहती है। प्रभारी डॉक्टर कमलेश गुप्ता ने इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों से लिखित शिकायत की है, लेकिन सालों बाद भी इस बिल्डिंग की मरम्मत नहीं कराई गई। ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने इस ब्लॉक को गोद लिया है, फिर भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
एक अन्य स्थानीय निवासी धीरेंद्र कुमार ने बताया कि बारिश के दौरान छत से पानी टपकने के कारण सभी कुर्सियां, टेबल और बेड भीग जाते हैं। फर्श पर पानी जमा रहता है और टेबल पर रखी दवाइयां भी खराब हो जाती हैं, जिससे काफी परेशानी होती है।
उन्होंने बताया कि जान जोखिम में डालकर अस्पताल के अंदर बैठना पड़ता है। इसलिए मरीजों का इलाज अक्सर बाहर ही बैठकर किया जाता है, क्योंकि जर्जर भवन के अंदर जाने में डर लगता है। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 2019 में ही विभाग ने जर्जर घोषित कर दिया था, लेकिन उसके बाद भी न तो कोई नई बिल्डिंग बनाई गई और न ही अस्पताल को कहीं और शिफ्ट किया गया।










