जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं कर्मचारीः जिम्मेदार मौन
बस्ती । राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष राम अधार पाल ने कर्मचारी समस्याओं का निराकरण न होने पर चिन्ता व्यक्त करते हुये कहा है कि पिछले तीन वर्षो में मण्डल मुख्यालय पर न्यूरो सर्जन, हृदय रोग विशेषज्ञ और यूरोलाजिस्ट जैसे चिकित्सकों की तैनाती की मांग तत्कालीन जिलाधिकारियों से किया गया था किन्तु इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई।
प्रेस को जारी विज्ञप्ति के माध्यम से कर्मचारी नेता राम अधार पाल ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा बस्ती शहर में बनाये गये लगभग 70 वर्ष पुराने सरकारी आवास जर्जर हो चुके हैं, कर्मचारी वाध्य होकर उन आवासों में रह रहा है। आवासों के मरम्मत और नये निर्माण की मांग किया गया था किन्तु यहां भी जिम्मेदार मौन साधे हुये हैं। कहा कि शासनादेश के तहत विभागीय अधिकारी मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों से वार्ता नहीं कर रहे हैं, संवादहीनता की स्थिति बनी हुई है। इससे कर्मचारियों में आक्रोश है और समस्याओं का प्रभावी निस्तारण नहीं हो पा रहा है। आये दिन कर्मचारियों के विरूद्ध शिकायत आती है और कार्रवाई भी हो जाती है, जबकि शिकायतकर्ता को शासनादेश के अनुरूप शपथ पत्र के साथ शिकायत करनी चाहिये। इन नियमों का पालन नहीं हो पा रहा है।
कर्मचारी नेता राम अधार पाल ने बताया कि अनेक विभागों में कुछ अधिकारी अवकाश के दिनों में भी कार्यालय खोले रहते हैं, यही नहीं देर रात्रि तक उनसे नियम विरूद्ध ढंग से कार्य लिया जाता है। इससे कर्मचारी हैरान व परेशान हैं। कई विभागों में योग्यताधारी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लिपिक पदों पर पदोन्नित न होने से उनका हक छीना जा रहा है। उन्होने बताया कि यदि इन प्रमुख विन्दुओं पर 15 दिन के भीतर प्रभावी कदम न उठाया गया तो परिषद के पदाधिकारी जिलाधिकारी से मिलकर पुनः समस्याओं के निस्तारण का आग्रह करेंगे। इसके बाद बैठक कर निर्णायक आन्दोलन की रणनीति बनायी जायेगी।



