बालिका विद्या मन्दिर में संस्कार भारती बस्ती इकाई द्वारा आयोजन, राष्ट्रगीत के माध्यम से जागृत हुई राष्ट्रीय चेतना एवं सांस्कृतिक गौरव की भावना
बस्ती, 04 नवम्बर 2026। राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के गौरवपूर्ण अवसर पर संस्कार भारती, बस्ती इकाई द्वारा सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, रामबाग-बस्ती में सामूहिक वंदे मातरम् गायन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं ने पूरे उत्साह, श्रद्धा एवं राष्ट्रभक्ति भाव के साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ संस्कार भारती गोरक्ष प्रांत की उपाध्यक्ष डॉ. कैप्टन पुष्पलता मिश्रा, संस्कार भारती बस्ती इकाई की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा तिवारी एवं विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती प्रियंका सिंह द्वारा किया गया। इसके पश्चात छात्राओं ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन कर वातावरण को राष्ट्रप्रेम एवं देशभक्ति के भाव से ओतप्रोत कर दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. कैप्टन पुष्पलता मिश्रा ने कहा कि वंदे मातरम् भारत माता के प्रति श्रद्धा, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की अभिव्यक्ति है। इसके 150 वर्ष पूर्ण होने का अवसर हमें स्वतंत्रता संग्राम के गौरवपूर्ण इतिहास एवं राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है। उन्होंने छात्राओं द्वारा पूरे वंदे मातरम् का कंठस्थ एवं सामूहिक गायन प्रस्तुत करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ज्ञान, संस्कार और देशभक्ति से परिपूर्ण छात्राएं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं।
संस्कार भारती की बस्ती इकाई अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा तिवारी ने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय गौरव एवं मातृभूमि के प्रति आत्मीयता का भाव विकसित करते हैं।
इस अवसर पर संस्कार भारती की उपाध्यक्ष श्रीमती लता सिंह, श्रीमती रीता त्रिपाठी, श्रीमती उर्मिला पांडेय, श्री ओमप्रकाश पांडेय, श्रीमती मीरा मिश्रा, श्रीमती सरिता शुक्ला, श्रीमती राधिका शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारी, विद्यालय की आचार्य बहनें, अभिभावक एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।
अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती प्रियंका सिंह ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रकल्याण की मंगलकामना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।




