मऊ के रानीपुर ब्लॉक की ग्राम सभा गोपालपुर रक्षाराय में लाखों रुपये की लागत से बना एक आंगनबाड़ी केंद्र निष्क्रिय पड़ा है। यह केंद्र बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के सरकारी उद्देश्य को पूरा नहीं कर पा रहा है।
सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छोटे बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। हालांकि, गोपालपुर रक्षाराय का यह केंद्र अधिकांश समय बंद रहता है, जिससे बच्चों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
स्थानीय ग्रामीण मनीष यादव, पवन और संदीप ने आरोप लगाया है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद यह योजना केवल कागजों तक ही सीमित है। केंद्र का भवन होने के बावजूद जिम्मेदार कर्मचारी अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित रहते हैं, और परिसर छूटे पशुओं का अड्डा तथा झाड़ियों का अंबार बन गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं को लागू करने वाले कर्मचारी ही इसमें लापरवाही बरत रहे हैं। उनका आरोप है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों की मनमानी के कारण बच्चों का शैक्षणिक और शारीरिक विकास प्रभावित हो रहा है।
इस मामले का संज्ञान लेते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) राजेश सिंह ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि यह मामला अत्यंत गंभीर है और इसकी जांच की जाएगी कि केंद्र सुचारु रूप से क्यों नहीं चल रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी कर्मचारी या अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



