इस दीपावली पर बन रहा अद्भुत संयोग, लक्ष्मी-गणेश के साथ कुबेर पूजन से मिलेगी सुख-समृद्धि – पं. देवस्य मिश्र

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बस्ती। दीपावली का महापर्व इस वर्ष 8 नवंबर रविवार को मनाया जाएगा। इस अवसर पर माता महालक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व रहेगा। ज्योतिषाचार्य पंडित देवस्य मिश्र के अनुसार, इस बार दीपावली पर विशेष ज्योतिषीय संयोग बन रहा है। लक्ष्मी पूजन के लिए सायंकाल 5:42 बजे से 7:39 बजे तक का समय श्रेष्ठ रहेगा। यह अवधि प्रदोष काल एवं स्थिर वृषभ लग्न का विशेष संयोग है।

पंडित देवस्य मिश्र ने बताया कि दीपावली पर माता लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश और धन के अधिपति भगवान कुबेर की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। पूजन स्थल को स्वच्छ कर दीप प्रज्ज्वलित करें और श्रद्धापूर्वक मां लक्ष्मी, गणेश जी एवं कुबेर देव का आह्वान करें। इससे घर में सुख, समृद्धि, धन-धान्य और शांति की मंगलकामना की जाती है।

उन्होंने बताया कि दीपावली केवल दीपों का पर्व नहीं, बल्कि अंधकार से प्रकाश, अज्ञान से ज्ञान और निराशा से आशा की ओर बढ़ने का संदेश भी देती है।

पंडित मिश्र ने कहा कि दीपावली पर घर के मुख्य द्वार, पूजा स्थल और आंगन में दीपक जलाने की परंपरा है। मान्यता है कि दीपों की रोशनी से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर में सुखद वातावरण बनता है। इस दिन विशेष रूप से मिट्टी के दीपक जलाना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान माता लक्ष्मी को कमल का फूल, फल, मिठाई, खील-बताशे और सुगंधित पुष्प अर्पित किए जाते हैं। भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक चढ़ाने का विशेष महत्व बताया गया है।

उन्होंने बताया कि कुबेर देव को धन और संपत्ति का रक्षक माना जाता है। इसलिए लक्ष्मी पूजन के साथ कुबेर पूजन करने से धन की स्थिरता और आर्थिक उन्नति की कामना की जाती है। व्यापारी वर्ग के लिए दीपावली का दिन विशेष महत्व रखता है। इस दिन नए बही-खाते और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में पूजा-अर्चना कर नए वर्ष में कारोबार की उन्नति की कामना की जाती है।

ज्योतिषाचार्य ने कहा कि पूजा में स्वच्छता, शुद्धता और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। दीपावली के अवसर पर जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और अन्य आवश्यक सामग्री दान करने से भी पुण्य की प्राप्ति होती है। परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ बैठकर पूजा करनी चाहिए और आपसी प्रेम, सद्भाव तथा भाईचारे का संकल्प लेना चाहिए।

अंत में उन्होंने कहा कि दीपावली का वास्तविक उद्देश्य केवल धन प्राप्ति नहीं, बल्कि जीवन में सुख, शांति, सद्भाव और सकारात्मकता का प्रकाश फैलाना है। मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की आराधना के साथ सभी को दीपावली का पर्व श्रद्धा, उल्लास और पारिवारिक सौहार्द के साथ मनाना चाहिए।

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