मऊ में एडीएम प्रवेंद्र कुमार ने नगर निकायों की समीक्षा बैठक में स्वच्छता, विकास कार्य, पीएम आवास, पीएम स्वनिधि और प्रतिबंधित पॉलीथिन पर सख्त निर्देश दिए। लापरवाही पर जवाबदेही तय कर कार्रवाई की चेतावनी।
मऊ में स्वच्छता एवं विकास कार्यों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई, एडीएम ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
मऊ। जनपद के नगर निकायों में स्वच्छता एवं विकास कार्यों की प्रगति को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अपर जिलाधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी (स्थानीय निकाय) प्रवेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट कर दिया गया कि स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित अधिशासी अधिकारियों की जवाबदेही तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अपर जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में स्वच्छ भारत मिशन सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं और नगर निकायों द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। एडीएम ने सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक नगरीय निकाय में घर-घर कचरा संग्रहण, गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण, सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों की नियमित साफ-सफाई तथा सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि शासन की सभी योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पूरा किया जाए। साथ ही नगर निकायों को कर एवं करेत्तर देयों की पूर्ण वसूली सुनिश्चित करने और 15वें वित्त आयोग तथा अवस्थापना निधि से स्वीकृत विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए।
बैठक में वंदन योजना, मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना, मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना, पंडित दीनदयाल नगर विकास योजना तथा आकांक्षी योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
एडीएम प्रवेंद्र कुमार ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को हर हाल में प्रभावी बनाया जाए। यदि किसी नगर निकाय में साफ-सफाई या कूड़ा निस्तारण व्यवस्था में शिथिलता पाई गई तो संबंधित अधिशासी अधिकारी के विरुद्ध जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में निराश्रित गोवंशों के संरक्षण के लिए संचालित गौशालाओं में भूसा, चारा एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 और पीएम स्वनिधि योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
अंत में सभी नगर निकायों को प्रतिबंधित पॉलीथिन के खिलाफ नियमित जांच, जब्ती अभियान और व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। बैठक में जनपद के सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।
