Agri News: गन्ना किसान ध्यान दें: बेहतर पैदावार के लिए अपनाएं बंधाई और ट्रेंच विधि से शरद कालीन बुवाई

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रुधौली:  चीनी मिल रुधौली के परिसर और आसपास के कई प्लाटों का आज चीनी मिल के इकाई प्रमुख डॉ. जे.पी. त्रिपाठी द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने क्षेत्र के किसानों से सीधा संवाद साधा और फसल सुरक्षा तथा उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान इकाई प्रमुख डॉ. जे.पी. त्रिपाठी ने गन्ना बंधाई के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, "आगामी पेराई सत्र को ध्यान में रखते हुए मिल प्रबंधन पूरी तरह तैयार है, लेकिन किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। गन्ने की समय पर बंधाई करने से फसल गिरती नहीं है, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन प्राप्त होता है। इसके विपरीत, गन्ना गिर जाने पर गन्ने के वजन और मिठास में कमी आती है, उत्पादन घटता है और खेत में जंगली जानवरों द्वारा फसल को नुकसान पहुंचाने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए किसान भाई बंधाई का कार्य प्राथमिकता पर पूरा करें।"

वहीं, निरीक्षण के दौरान मौजूद वरिष्ठ गन्ना अधिकारी बाल सिंधु गगन पांडे ने आगामी सीजन की वैज्ञानिक बुवाई और किसानों के सुझावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा, "अब शरद कालीन गन्ना बुवाई का उपयुक्त समय आ रहा है। किसान भाई पारंपरिक तरीकों को छोड़ अधिक से अधिक क्षेत्रफल में शरद कालीन गन्ने की बुवाई करें और इसके लिए ट्रेंच (नाली) विधि को अपनाएं। ट्रेंच विधि से बुवाई करने पर लागत में कमी आती है, सिंचाई के पानी की बचत होती है, गन्ने की जड़ें मजबूत होती हैं जिससे पौधा गिरता नहीं है और जंगली जानवरों से होने वाला नुकसान भी काफी हद तक कम हो जाता है।"

इसके साथ ही वरिष्ठ गन्ना अधिकारी ने किसानों को कम लागत में अतिरिक्त आय अर्जित करने का महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि शरद कालीन गन्ने की बुवाई के साथ किसान सह-फसली (Intercropping) खेती अवश्य अपनाएं। गन्ने की लाइनों के बीच की खाली जगह में सरसों, लाही, चना, मटर, गोभी, पालक, मूली, बकला, धनिया, सावा, मेथी, शलजम और बैंगन आदि की खेती करके किसान कम समय में अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं।

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