जय चौबे के हजारों समर्थकों ने फुटहिया में किया हरीश द्विवेदी का जोरदार स्वागत, बस्ती की सियासत में बढ़ी हलचल
बस्ती। केंद्रीय संगठन मे ं नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद भाजपा के पूर्व सांसद एवं केंद्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी का सोमवार को बस्ती में प्रथम आगमन राजनीतिक हलकों मे ं खासा चर्चा का विषय बन गया। उनके स्वागत को लेकर शहर से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग तक भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों मे ं जबरदस्त उत्साह देखन े को मिला। जिले में 150 से अधिक स्थानो ं पर स्वागत और अभिनंदन की तैयारियां की गईं। जगह-जगह पोस्टर, बैनर और स्वागत द्वार लगाए गए।
इस पूरे स्वागत कार्यक्रम का सबस े बड़ा सियासी आकर्षण उस समय देखन े को मिला, जब खलीलाबाद के पूर्व विधायक दिग्विजय नारायण चौब े उर्फ जय चौब े अपने हजारों समर्थकों के साथ फुटहिया पहुंच े और हरीश द्विवेदी का जोरदार स्वागत किया। बड़ े काफिले के साथ जय चौब े की मौजूदगी ने स्वागत समारोह को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। समर्थकों के उत्साह और भीड ़ ने कार्यक्रम में अलग ही राजनीतिक रंग भर दिया। हरीश द्विवेदी को केंद्रीय संगठन मे ं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद उनका यह पहला बस्ती दौरा था। ऐस े मे ं उनके स्वागत को केवल औपचारिक कार्यक्रम के तौर पर नहीं, बल्कि स्थानीय संगठन की सक्रियता और राजनीतिक ताकत के प्रदर्शन के रूप मे ं भी देखा जा रहा है। शहर से लेकर हाईवे तक दिखाई दिए पोस्टर बैनर और विभिन्न स्थानो ं पर हुए स्वागत कार्यक्रमो ं ने माहौल को पूरी तरह राजनीतिक बना दिया।
जय चौब े की एंट्री ने बढ़ाया सियासी संदेश
राजनीतिक नजरिए से सबस े अधिक चर्चा जय चौब े के हजारों समर्थकों के साथ स्वागत मे ं पहुंचन े को लेकर रही। बस्ती की सीमा पर फुटहिया में उनके काफिले और समर्थकों की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि हरीश द्विवेदी के साथ विभिन्न राजनीतिक प्रभाव वाले नेताओं और उनके समर्थकों की सक्रियता भी बढ़ रही है। यही वजह है कि इस स्वागत समारोह को स्थानीय राजनीति मे ं बदलते समीकरणों और नए सियासी संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है।
हरीश द्विवेदी के स्वागत में उमड़ी भीड़, नेताओं की सक्रियता और कार्यकर्ताओं के उत्साह ने भाजपा के भीतर नई ऊर्जा का प्रदर्शन किया। अब राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर है कि केंद्रीय संगठन में नई जिम्मेदारी के बाद हरीश द्विवेदी की सक्रियता और उनके साथ जुटता राजनीतिक समर्थन आन े वाले दिनो ं मे ं बस्ती की सियासत को किस दिशा में प्रभावित करता है।



