News: बस्ती में ज्योति यात्रा का भव्य आयोजन, 25वें वर्ष में दिखा आस्था और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम

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महाकाल बाबा की शाही पालकी, बनारस की गंगा आरती और ब्रज की फूलों की होली बनी आकर्षण का केंद्र, हजारों श्रद्धालुओं ने किए मां की पवित्र ज्योत के दर्शन

बस्ती। शहर में मंगलवार शाम 6:30 बजे कंपनीबाग से निकली भव्य ज्योति यात्रा में आस्था, भक्ति और भारतीय संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। ज्योति यात्रा के 25वें वर्ष यानी रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित इस शोभायात्रा को विशेष रूप से भव्य और आकर्षक बनाया गया। धार्मिक झांकियों, पारंपरिक नृत्यों, भक्तिमय प्रस्तुतियों और मां की पवित्र ज्योत के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना। यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे मार्ग पर लोगों की भीड़ जुटी रही और वातावरण जयकारों तथा भक्ति संगीत से गूंजता रहा।

ज्योति यात्रा में उज्जैन के महाकाल बाबा की शाही पालकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। पालकी के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। डमरू की थाप पर कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, काशी की प्रसिद्ध गंगा आरती की प्रस्तुति ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। आरती के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे नजर आए। जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया और धार्मिक झांकियों के दर्शन किए।

ज्योति यात्रा में धार्मिक परंपराओं के साथ देश की समृद्ध लोकसंस्कृति की भी शानदार झलक देखने को मिली। मथुरा के प्रसिद्ध मयूर नृत्य ने ब्रज की सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत कर दिया। वहीं, महाराष्ट्रीयन दीपक नृत्य और राजस्थानी लोकनृत्य ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कलाकारों की पारंपरिक वेशभूषा, आकर्षक प्रस्तुतियों और संगीत ने शोभायात्रा की भव्यता में चार चांद लगा दिए।

ब्रज की फूलों की होली ने श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित किया। इसके साथ ही भव्य राम दरबार की झांकी के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और सनातन परंपराओं का संदेश दिया गया। विभिन्न धार्मिक प्रसंगों पर आधारित झांकियों को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ लगी रही। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में शोभायात्रा को लेकर उत्साह दिखाई दिया।

ज्योति यात्रा के 25वें वर्ष को यादगार बनाने के लिए आयोजन मंडल की ओर से विशेष तैयारियां की गई थीं। रजत जयंती वर्ष के अवसर पर यात्रा में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को विशेष स्थान दिया गया। उज्जैन के महाकाल बाबा की शाही पालकी से लेकर काशी की गंगा आरती, ब्रज की फूलों की होली और विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों तक, हर प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति की विविधता और सनातन परंपराओं की समृद्धि से परिचित कराया।

शहर में निकली इस भव्य ज्योति यात्रा ने धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक एकता का संदेश भी दिया। हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता और जगह-जगह उमड़ी भीड़ ने आयोजन की लोकप्रियता को दर्शाया। ज्योति यात्रा का 25वां वर्ष श्रद्धालुओं के लिए विशेष उत्साह और श्रद्धा का अवसर बना, जिसमें मां की पवित्र ज्योत के दर्शन के साथ भारतीय संस्कृति की विविध छवियां देखने को मिलीं।



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