अमर शहीद ब्रिगेडियर उस्मान की 78वीं पुण्यतिथि 'शहादत दिवस' के रूप में मनाई गई। यह आयोजन शुक्रवार को उनके पैतृक आवास मधुबन के बीबीपुर में एक श्रद्धांजलि सभा के रूप में किया गया। आजमगढ़ से सांसद धर्मेंद्र यादव ने कार्यक्रम में पहुंचकर ब्रिगेडियर उस्मान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान आजमगढ़ सांसद धर्मेंद्र यादव गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी विधायक अब्बास अंसारी विधायक राजेंद्र कुमार सपा जिलाध्यक्ष दूधनाथ यादव समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
मीडिया से बात करते हुए सपा सांसद afzal Ansari ने कहा कि अब्बास अंसारी मऊ विधानसभा से चुनाव अगर समाजवादी पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया अगर उसको उम्मीदवार बनाया तो मऊ की जनता जानती है कि ये अब्बास अंसारी मुख्तार अंसारी का बेटा भी है। और राष्ट्रीय छवि का एक व्यक्ति भी है। आप जानते हैं अब्बास अंसारी का इतिहास का का राष्ट्रीय गोल्ड मेडलिस्ट अब वर्ल्ड कप में भारत की टीम का कैप्टन बनके गया था। वर्ल्ड कप खेलने वो अब्बास अंसारी गोवा में गांव का प्रतियोगिता में कबड्डी कुश्ती जीत ले तो लगता हो ऐसे फुला के पूरा हिंदुस्तान का गोल्ड मेडल दु जीत ले गया में गतिया में अगर उसके साथ छल ना हुआ होता, बेईमानी ना होती तो वो आज ओलंपिक जीत के लाता भारत के लिए। भारत के लिए मेडल जीत के लाता ओलंपिक का। बगल में ही तो बीजेपी के मंत्री हैं दयाशंकर सिंह। उन्होंने एक गोल्ड मेडलिस्ट माइनॉरिटी का कोई है बलिया में उनको दिया है राइफल। का खेलने के लिए? राइफल खेला जा तो राइफल का निशाना लगावे में वर्ल्ड कप खेल आई।
हिंदुस्तान में जितना खेले वाला रह सबका चैंपियन होके गोल्ड मेडल ले तो आप लोगों ने ओलंपिक ओलंपियन बनने से क्यों विधायक बना दिया ओलंपियन में समय दिया होता अरे भैया ओलंपियन नहीं बनत वही में से गोवा खींच लोग अटक गर्द में अरे दादा रे दादा मुख्तार का बेटा ओलंपियन हो जवावे खींच मुख्तार का इतिहास मिटने वाला है आज भी गरीबों के दिल में मुख्तार वो स्थान है जैसे किसी देवता का स्थान और आज भी सामंतवादियों के जुल्मियों के गुंडों के आज भी रतिया के सुते जग जाल भाई अभी जि मर जब तक जी रहा था तब तक बिल में थे सब शंकराचार्य बनके रह काल बता आज वह दुनिया में नहीं है तो बचरा जा अपना मन को लेकिन उसके नाम को नहीं छुपा सकते
मिटा सकते मऊ की जनता जानती है कि हमने पांच बार उसको जिताया वो जेल से भी फॉर्म भरा तब भी हमने वोट दिया मऊ की जनता जानती है कि अब्बास अंसारी के पिता मुख्तार अंसारी को इस जालिम हुकूमत ने जुल्म की इंतहा कर दी है। 18 साल जेल में रखकर यातना दी है और जहर देकर के उसकी हत्या की है। वो शहीद हो गया है। उसको भूला नहीं जा सकता। मुख्तार अंसारी ने जिन लोगों की मदद की है आज भी वहां जाओ। सोने में तौल दोगे तब भी वो मुख्तार को जय बोलेगा। आज भी हर कौम की हर जात की हिसाब पूछ रहे लोग कि अब्बास का क्या नाम है?
अब्बास आज भी उसके पास हौसला है कि जुल्मियों के सामने घुटना नहीं टेका है। उसके रगों में उसी मुख्तार अंसारी का खून है। उसी ब्रिगेडियर उस्मान का खून है। उसी डॉक्टर एम ए अंसारी का खून है। जिन्होंने देश के लिए कुर्बानियां दी हैं। वो जुर्म के सामने झुका नहीं है। अब वक्त आएगा तो गरीबों के लिए वो भी उतना ही बड़ा दिल रखता है जितना बड़ा दिल उसके बाप मुख्तार अंसारी रखते थे। आज है क्या उसके पास?
मुख्तार ने हजारों लोगों के घर बनवा दिए। मुख्तार ने अपने बेटों को सर छुपाने के लिए घर नहीं बनाया। अगर उसके दादा की हवेली ना होती तो इन बच्चों को रहने के लिए एक कमरा नहीं था। मुख्तार को तो बर्बाद कर दिया इन लोगों ने। उसकी जान ही नहीं ले ली। उसकी जगह, जमीन, खेत, बाग, बगीचा, गोदाम, होटल, दुकान सब बुलडोज कर दिया और ऐठ रहे हैं कि हमने उसका नामोनिशान मिटा दिया। लेकिन गरीबों के दिलों में उसकी तस्वीर बनी हुई है। यहां उसका नामोनिशान आज भी कायम है। जिसको इनकी सरकार नहीं, इनके बाप दादा भी मिटा नहीं सकते। अब वक्त आएगा तो देखिएगा मऊ एक नया इतिहास बनाएगा।
