मऊ, अपराध और संगठित तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत मऊ पुलिस को बुधवार देर रात बड़ी सफलता मिली। कोपागंज थाना क्षेत्र में पुलिस और एक कथित इनामी अंतरजनपदीय गौ-तस्कर के बीच हुई मुठभेड़ में आरोपी पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने से घायल हो गया। उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी के कब्जे से अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं, जबकि उसके खिलाफ मऊ और बलिया जनपद में गौवध अधिनियम समेत कई मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं।
प्रदेश में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत मऊ पुलिस लगातार सक्रिय है। इनामी एवं वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमें दिन-रात उनकी लोकेशन ट्रेस कर दबिश दे रही हैं। इसी अभियान के तहत बुधवार देर रात कोपागंज थाना पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी।
घटना रात करीब दो बजे इंदारा रेलवे स्टेशन के समीप हुई, जहां पुलिस को सूचना मिली कि गौवध अधिनियम के मुकदमा अपराध संख्या 106/26 में वांछित एवं इनामी आरोपी ढेला पुत्र नसीर (35 वर्ष), निवासी चेला राम का पूरा, थाना कोपागंज कटवास की ओर से इंदारा रेलवे स्टेशन जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर आरोपी को रोकने का प्रयास किया।
घोसी क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह के अनुसार, पुलिस ने आरोपी को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल होकर मौके पर गिर पड़ा। पुलिस ने तत्काल उसे कब्जे में लेकर पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कोपागंज पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से 315 बोर का एक अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उसके विरुद्ध मऊ और बलिया जनपद में गौवध अधिनियम सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। बलिया के सिकंदरपुर थाने में भी उसके खिलाफ संबंधित मामले दर्ज बताए गए हैं।
